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नीलकंठ महादेव मंदिर ● Neelkanth Mahadev Mandir ● सम्पूर्ण यात्रा की जानकारी

इस पोस्ट के माध्यम से आज हम आपको नीलकंठ महादेव की यात्रा करने का रास्ता बताने जा रहे है तो चलिए अपनी सीट बेल्ट बाँध लीजिये.

दोस्तों आप नीलकंठ महादेव जाने से पहले उनके बारे में जान लीजिए की वो कौन हैं और उनका नाम नीलकंठ महादेव कैसे पड़ा।

बात उस समय की है जब समुद्र मंथन चल रहा था देवता और असुर दोनों वासुकि नाग को रस्सी बना कर समुद्र का मंथन कर रहे थे उसी समय उस मंथन से विष निकला और यह इतना जहरीला विष था कि उससे पूरे ब्रम्हांड का नाश हो सकता था।

इस विष को केवल देवो के देव महादेव ही धारण कर सकते थे तो उन्होंने ब्रम्हांड की रक्षा करने के लिए उस विष को पी लिए जिसके फल स्वरूप उनका कंठ नीला हो गया इसलिए उनका नाम नीलकंठ पड़ा।

चलिये अब आपको यात्रा कराते हैं इसके लिए हम हरिद्वार से अपनी यात्रा प्रारंभ करते है आप हरिद्वार ट्रैन और बस दोनों से आ सकते हैं इसके बाद आप बस या टेम्पो से ऋषिकेश चलें ऋषिकेश जाने के लिए आपसे 50 रूपये का किराया लगेगा जो थोड़ा कम या ज्यादा भी हो सकता है।

ऋषिकेश पहुँचने के बाद आप रामझूला जाएँ यहाँ आप रामझूला को पार करके परमार्थ आश्रम की तरफ जाएँ।

आश्रम के पास ही एक टैक्सी स्टैंड हैं इस स्टैंड से आपको श्री नीलकंठ महादेव के लिए एक टैक्सी मिल जायेगी, इस टैक्सी का किराया एक व्यक्ति का 150 रूपए है जो की आने जाने दोनों तरफ का है।

आपको ये टैक्सी 1 घंटे में नीलकंठ महादेव पहुंचा देगी जहाँ आप 1 से 1.5 घंटे में आराम से दर्शन करके वापस टैक्सी से ऋषिकेश आ सकते हैं।

वैसे नीलकंठ मंदिर के पास रुकने की व्यवस्था है थोड़े बहुत होटल भी है लेकिन में आपको शाम तक ऋषिकेश वापस आने की सलाह दूंगा, क्योंकि वहां बारिश कभी भी शुरू हो सकती है जिससे की आवागमन प्रवाभित हो जाता है।

ऋषिकेश से नीलकंठ मंदिर की दूरी 28 किलोमीटर है जिसे पूरा करने में 1 घंटे का समय लगता है क्योंकि जाने का रास्ता पहाड़ो के किनारे किनारे बना है जो की घुमावदार है।

आपको हमारी ये जानकारी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं।

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